vinod upadhyay

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गुरुवार, 20 मार्च 2014

सनी लियोनी का 'कैरेक्टर' नहीं; एक्टिंग देखिए!

भोपाल। भारतीय मूल की कनाडाई एक्ट्रेस सनी लियोनी रागिनी MMS-2 के प्रमोशन के लिए गुरुवार को भोपाल में थीं। वे जब सुबह मुंबई से भोपाल पहुंचीं, तब उनका पहनावा पश्चिमी था। लेकिन जब वे दोपहर में मीडिया और अपने प्रशंसकों से मुखातिब हुईं, तब वे भारतीय वस्त्रों में थीं। सुबह उन्होंने जींस, जैकेट और कैप पहना हुआ था, जबकि दोपहर में वे पंजाबी सलवार-शूट में डीबी सिटी स्थित फन सिनेमा पहुंचीं। दरअसल, यह लुक प्रमोशन की डिमांड थी। सनी ने यहां रागिनी MMS-2 के लोकप्रिय सांग 'बेबी डॉल' पर डांस किया। कुमार के लिखे इस गीत के बोल पंजाबी हैं। यह और बात है कि फिल्म में इस गीत पर सनी ने बोल्ड डांस किया है, जबकि यहां उन्होंने सादगी और संयमपूर्ण तरीके से ठुमके लगाए। सनी मूलत: पंजाबी हैं और उन्हें यह पहनावा अत्यंत भाता है।
32 वर्षीय करनजीत कौर वोहरा उर्फ सनी लियोनी कहती हैं कि आपको अमेरिका और इंडिया में मेरी इमेज एकदम अलग नजर आएगी। वे दो टूक कहती हैं 'आप मेरी पुरानी छवि पर मत जाइए। जिस्म-2 और रागिनी MMS-2 में बोल्ड सीन्स कैरेक्टर की डिमांड थे। आप उस कैरेक्टर के साथ मेरी एक्टिंग भी देखिए'। 5 फीट और 4 इंच हाइट की सनी कहती हैं कि मैं हर तरह के कैरेक्टर करना चाहती हूं। अगली फिल्मों में आप मुझे एकदम नये अंदाज में देखेंगे। वे देवांग ढोलकिया की फिल्म 'टीना एंड लोलो' के बारे में बता रही थीं। सनी ने इस फिल्म में एक्शन सीन्स किए हैं। वे बताती हैं- इस फिल्म के लिए मैंने मार्शल आर्ट भी सीखा। यह फिल्म इसी जनवरी को रिलीज होनी थी, लेकिन इसकी तारीख अपरिहार्य कारणों से आगे बढ़ानी पड़ी है।
चाय में कुछ ज्यादा ही शक्कर की शौकीन सनी
सनी लियोनी हमेशा मीठा बोलने और मुस्कराने में बिलीव करती हैं। उन्होंने कहा कि 'जिंदगी को फुलऑन जीना चाहिए, क्योंकि जिंदगी मिलेगी न दुबारा'। जानवरों के संरक्षण के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था पेटा से जुड़ी रहीं सनी कहती हैं- किसी के चेहरे पर हंसी लाना बेहद मुश्किल है, रुलाना आसान। मेरा मानना है कि, आप अपने काम, अपने व्यवहार से सबको खुशियां बांटते रहिए। यही जिंदगी है।
वे अपने विरोधियों को जवाब देती हैं:
जिन्हें मेरी फिल्में देखना हैं, देखें; नहीं देखना हैं, तो न देखें। लेकिन मैं इतना अवश्य कहूंगी कि आप ऐसा विरोध न करिए, जिससे लोगों को परेशानी हो, नुकसान हो। सनी वर्ष-2011 में बिग बॉस में हुई अपनी एंट्री को टर्निंग प्वाइंट मानती हैं। वे कहती हैं-बिग बॉस में आने के बाद ही महेश भट्ट ने मुझे 'जिस्म-2' में चांस दिया। प्रियंका चोपड़ा और एकता कपूर को अपना आदर्श मानने वालीं सनी के मुताबिक, दोनों बहुत प्रोफेशनल हैं, अपना काम बेहतर करती हैं। बॉलीवुड की खान-तिकड़ी सलमान, शाहरुख और आमिर के संग फिल्में करने की इच्छुक सनी कहती हैं, सबसे पहले मैं आमिर के संग फिल्म करना चाहूंगी। सनी के संग साये की तरह मौजूद रहे पति डेनियल वेबर उन पर गर्व महसूस करते हैं। वे सनी की अच्छाइयां गिनाते हैं-सनी एक अच्छी पत्नी, अच्छी दोस्त और अपने काम के प्रति समर्पित महिला है। उसने अपनी वर्सेटाइल पर्सनालिटी को भी साबित करके दिखाया है। डेनियल सनी को चिढ़ाने के अंदाज में कहते हैं-हां, इसमें एक खराब आदत है। यह घर की लाइट जलाकर उन्हें बंद करना भूल जाती है।

मंगलवार, 18 मार्च 2014

विराट ने किया अनुष्का को खफा

श्रीलंका। बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा श्रीलंका में अपनी अपकमिंग फिल्म "बॉम्बे वेलवेट" की शुटिंग में बिजी हैं। शुटिंग के दौरान अनुष्का के ब्वॉय फ्रेंड क्रिकेटर विराट कोहली उन्हें सरप्राइज देने के लिए कोलंबो पहुंचे। कोहली को सेट पर देख अनुष्का की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन उनकी ये खुशी उस वक्त काफूर हो गई जब उन्हें पता चला कि कोहली जिस फ्लाइट से मुंबई वापस गए उसमें कुछ पत्रकार भी मौजूद थे। दरअसल "बॉम्बे वेलवेट" के सेट पर पहुंचे कुछ पत्रकार कोलंबो से मुंबई जा रहे थे और विराट भी उसी फ्लाइट में सवार थे। जब ये बात अनुष्का को पता चली तो वे परेशान हो गई। खबर हैं कि इस बात से अनुष्का भड़क गई और उनकी सारी खुशी गायब हो गई। आपको बता दें कि विराट ने अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का की फिल्म "बॉम्बे वेलवेट" के सेट पर जाने में कभी गुरेज नहीं किया। विराट तो विकास बहल की फिल्म "क्वीन" की सक्सेस में काटे गए केक पार्टी का भी हिस्सा बने। विराट और अनुष्का श्रीलंका में तो खुले आम इश्क फरमाते नजर आ रहे हैं, लेकिन अब देखना ये हैं कि इंडिया में कब ये दोनों अपने इश्क को कबूल करते हैं।

काजोल को नहीं पसंद अरमान?

मुंबई। बॉलीवुड की बबली एक्ट्रेस काजोल अपनी छोटी बहन तनीषा की पसंद अरमान से ज्यादा खुश नजर नहीं आ रही हैं। काजोल और उनकी मां तनुजा को तनीषा और अरमान का रिश्ता पहले दिन से ही पसंद नहीं था। लेकिन ये कपल किसी की सुनने को राजी नहीं हैं। तनीषा और अरमान को कई बार खुले आम साथ में घूमते देखा गया हैं। लेकिन काजोल अरमान से खुश नहीं लग रही हैं। हाल ही में करण जौहर के शो में आई काजोल से जब उनके बेस्ट फ्रेंड करण ने तनीषा और अरमान के रिश्ते और अरमान को अपनी फैमिली में वेलकम करने के बारे में पूछा तो काजोल ने कहा कि हम उसके बारे में सोचेंगे। इस बात को किसी और दिन के लिए छोड़ देते हैं। ये कहकर काजोल ने बहुत समझदारी से बात को टाल दिया, लेकिन इससे काजोल की नाराजगी साफ जाहिर होती हैं। वहीं जब तनीषा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ने भी इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। खबर हैं कि तनीषा और अरमान ने सगाई कर ली है और जल्द ही शादी करने वाले हैं। तनीषा अपनी मां तनुजा का दिल जीतने में कामयाब रही हैं। तनुजा को पहले अरमान बिल्कुल पसंद नहीं थे लेकिन अब वे अरमान के साथ थोड़ी नरम नजर आ रही हैं। लेकिन काजोल शायद अभी तक अरमान को नहीं अपना पाई हैं। तभी तो वे अरमान के बारे में कोई बात नहीं करना चाहती हैं।

सड़कों पर धूमधड़ाम... भूल गए अपना नाम

भोपाल। बुराइयों को दहन करने के बाद सोमवार को सारा शहर एक रंग में रंगा-पुता नजर आया! कौन अपना और कौन पराया; होली के रंगों ने सबको एक-रंग में ढाल दिया था। शहर में होली पर चारों तरफ खुशी का माहौल था। सुबह से ही विशेषकर बच्चों में होली का उल्लास देखा गया। हुरियारों की टोलियां पूरे शहर में घूमीं। नए और पुराने शहर में होली के पारंपरिक जुलूस भी निकले, जिनके लिए नगर निगम ने रास्ते में पानी के विशेष इंतजाम किए थे। सुबह से ही नए शहर की कॉलोनियों में होली का माहौल दिखाई दिया। कोलार रोड की कॉलोनियां हों या गुलमोहर, त्रिलंगा क्षेत्र या फिर रचना नगर गौतम नगर, अवधपुरी का इलाका, सभी कॉलोनियों में बुजुर्ग, बच्चे और लड़कियां अलग-अलग अंदाज में होली खेलने निकल पड़े। बुजुर्ग जहां समूह बनाकर पड़ोसियों के यहां होली मिलने निकले तो बच्चे पिचकारियां और पानी से भरे गुब्बारे लेकर टोली बनाकर खेलते रहे। लड़कियों की होली भी समूह में दिखाई दी, जो बाल्टियां भरकर उनमें पानी और रंग मिलाकर एक-दूसरे पर उड़ेलती दिखाई दीं। पुराने शहर में भी कमोबेश यही माहौल रहा। दिन में भीड़भाड़ से भरे रहने वाला चौक, जुमेराती, घोड़ानक्कास, आजाद मार्केट जैसे क्षेत्र की सड़कें सुबह से ही रंग से भरी बाल्टियों और पिचकारियों की बौछारों से गीली हो चुकी थीं। शाहजहांनाबाद, बरखेड़ी, जहांगीराबाद जैसे क्षेत्रों में कुछ युवक कीचड़ से भी होली खेलते दिखाई दिए। मौसम ने भी हुरियारों का पूरा साथ दिया। राजधानी में सोमवार दोपहर तक न्यूनतम तापमान 21 डिग्री और अधिकतम 36 डिग्री के आसपास रहा। लिहाजा थोड़ी बढ़ती गर्मी ने पानी में भीगने का आनंद और दोगुना कर दिया। शहर के सभी चौराहों, गली-मोहल्लों में सुबह से ही हुरियारों की टोलियां नजर आने लगी थीं। पुराने शहर में शाहजहांनाबाद, नारियलखेड़ा, टीला जमालपुरा, करोंद, जुमेराती, घोड़ानक्कास, मंगलवारा, बुधवारा, छावनी, बरखेड़ी, जिंसी के अलावा रायसेन रोड स्थित गोविंदपुरा, जेके रोड, अयोध्या नगर, आनंद नगर, पिपलानी, अवधपुरी और नए शहर में जवाहर चौक, नेहरू नगर, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, माता मंदिर,चूना भट्टी आदि तमाम इलाकों में हुरियारों की टोलियां घूमतीं नजर आईं।
पुराने शहर में निकला जुलूस
हिंदू उत्सव समिति द्वारा पुराने शहर में होली का विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में हुरियारे शामिल हुए। पुराने शहर की गलियों से होता हुआ जुलूस जैसे ही सोमवार दुर्गा मंदिर के पास पहुंचा, नगर निगम के टैंकरों से पानी की बौछारों से उसका स्वागत किया गया। पुराने शहर के दयानंद चौक से जुलूस शुरू हुआ, जिसमें हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह सहित समिति के कई पदाधिकारी मौजूद थे। जुलूस में ऊंट भी शामिल थे। ढोल-ढमाकों के साथ निकले इस जुलूस में शामिल लोग थैलियों में भरकर लाए गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। कई रंगों के गुलाल उड़ाए जाने से जुलूस जहां-जहां से गुजर रहा था, सड़कों पर रंगों की चादर बिछती जा रही थी। जुलूस दयानंद चौक से शुरू होकर लोहा बाजार, चौक, लखेरापुरा, सोमवारा, सिंधी मार्केट होता हुआ जवाहर चौक जुमेराती पहुंचा। इस बीच सोमवारा में कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी पीसी शर्मा भी जुलूस में शामिल हो गए।

रविवार, 9 मार्च 2014

गुलाब गैंग

कलाकार : माधुरी दीक्षित, जूही चावला
निर्देशक : सौमिक सेन
बेधड़क सीमाओं को तोड़ती और नए सितारों को छूती गंवई महिलाओं के अधिकार और समस्याओं की 'गुलाब गैंग' माधुरी दीक्षित और जूही चावला की अदाकारी और भिड़ंत के लिए भी देखी जा सकती है। रज्जो को पढ़ने का शौक है। उसकी सौतेली मां पढ़ाई की उसकी जिद को नहीं समझ पाती। वह उसे घरेलू कामों में झोंकना चाहती है। यही रज्जो बड़ी होकर शिक्षा को मिशन बना लेती है। वह गुलाब गैंग आश्रम की स्थापना करती है। यहां तक कि स्थानीय राजनीतिज्ञ सुमित्रा देवी की निगाहों में आ जाती है। सुमित्रा देवी की अपनी ताकत बढ़ाने के लिए रज्जो को साथ आने का ऑफर देती है, लेकिन रज्जो सामने आना बेहतर समझती है। यहां से दोनों की भिड़ंत आरंभ होती है। लेखक-निर्देशक और संगीतकार सौमिक सेन की त्रिआयामी प्रतिभा में संगीतकार फिल्म पर ज्यादा हावी रहा है। संगीत का सुंदर उपयोग है, लेकिन फिल्म के मसालेदार संरचना में वह योग नहीं करता। संगीत और नृत्य पृथक रूप से उत्तम होने के बावजूद फिल्म की गति को धीमी करता है। माधुरी दीक्षित ने रज्जो और जूही चावला ने सुमित्रा देवी के किरदार को सही रंग दिया है। रज्जो के जोश को माधुरी दीक्षित पर्दे पर ले आती हैं। वहीं साजिश रचती सुमित्रा देवी की चालाकी को जूही चावला सटीक अंदाज देती है। दोनो जब-जब एक फ्रेम में आई है, उन्होंने दृश्यों को प्रभावशाली बना दिया है। सौमिक सेन ने फिल्मों में गैंग की गतिविधियों को तरजीह दी है। सामूहिकता पर बल देने के कारण वे हिंदी फिल्मों की परिपाटी से बाहर निकल जाते हैं। अगर रज्जो की केंद्रीयता को परिभाषित किया जाता तो फिल्म अधिक प्रभावशाली हो जाती। फिल्म के दृश्य संयोजन और विषय में हल्का बिखराव है।

माधुरी में खुद को देख पाईं संपत

बुंदेलखंड में महिलाओं के निगरानी समूह 'गुलाबी गैंग' की संस्थापक संपत पाल 'गुलाब गैंग' फिल्म के निर्माताओं से भले नाराज हो सकती हैं लेकिन फिल्म में माधुरी दीक्षित की भूमिका में वह खुद की जिदंगी की झलक पाती हैं। संपत का मानना है कि इस चरित्र ने पर्दे पर उनके होने का एहसास कराया है। संपत ने कहा 'हालांकि फिल्म को लेकर उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। मैं मांग पूरी होने तक इसे जारी रखूंगी लेकिन फिल्म में माधुरी ने निश्चित रूप से जबर्दस्त अदाकारी से मुझे प्रभावित किया है।' उन्होंने आगे कहा 'मैं अपनी जिंदगी में जिस दौर से गुजर चुकी हूं, माधुरी की अदाकारी ने उन यादों को फिर ताजा कर दिया है।' पाल ने साफ किया कि उनकी नाराजगी अभिनेत्रियों से नहीं है बल्कि वह अनुभव सिन्हा सहित फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ हैं। इस मामले को अदालत में लेकर पहुंची पाल का दावा है कि फिल्म के निर्माण के पहले उनकी इजाजत नहीं ली गई थी।