vinod upadhyay

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बुधवार, 2 अप्रैल 2014

टैलेंट हो तो इंडस्ट्री आपकी

-सिटी लाइव से खास चर्चा में बोले फिल्म एक्टर वत्सल सेठ
इंदौर। स्टार प्लस पर टेलीकास्ट होने वाले सीरियल 'एक हसीना थी' में शौर्य गोयनका का लीड रोल निभाने वाले वत्सल सेठ मंगलवार को शहर आए। इस दौरान सिटी लाइव से खास चर्चा में उन्होंने फिल्म और टेलीविजन के एक्सपीरिएंस शेयर किए। उन्होंने कहा कि एक्टर बनने के बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था। मैं तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता था। 'जस्ट मोहब्बत' सीरियल की टीम में मेरे फ्रैंड की मम्मी थी और उन्होंने बताया कि सीरियल के लिए एक चेहरे की तलाश है। मैंने ऑडिशन दिया और सिलेक्ट हो गया। वत्सल ने कहा कि इस 'एक हसीना थी' की कहानी सास बहू टाइप के सीरियलों से बिल्कुल अलग है। कोलकाता की एक महिला की यह कहानी सिर्फ बदले की कहानी नहीं है। वह अतीत में हुए एक अपराध के लिए इंसाफ की तलाश कर रही है। इसमें शौर्य का किरदार भी कई लोगों को अपने से जुड़ा हुआ लगेगा। फिल्म इंडस्ट्री में मुझे सलमान खान, सोहेल खान और अजय देवगन से बहुत कुछ सीखने को मिला। टेलीविजन से फिल्म तक के सफर में मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं यह सीख गया कि सभी के जीवन में अप-डाउन का दौर आता है और इसमें वही बना रहता है, जिसके पास टैलेंट है। सुधार की रहती है गुंजाइश यह इंडस्ट्री ऐसी है जिसमें जितने भी आए सभी का वेलकम है। इससे कॉम्पीटिशन बढ़ता है। इस कॉम्पीटिशन में जो अपडेट रहता है वह बना रहता है। टीवी सीरियल का अच्छा पक्ष यह है कि इसमें सुधार की गुंजाइश रहती है। फिल्म में शूटिंग के बाद कमी या खूबियों का पता फिल्म रिलीज होने के बाद ही चलता है। सीरियलों में हम अमेरिका के पैटर्न को फॉलो कर रहे हैं। डेली सोप के सब्जेक्ट्स में भी काफी बदलाव आ गया है।

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